गजरा – Gajra
कुछ ख़ुशबू कभी मुरझाती नहींकुछ रिश्ते वक़्त के साथ ख़त्म नहीं होते, बस चिट्ठियों में बंद होकर रह जाते हैं।"गजरा" एक ऐसी कहानी है जो पुरानी चिट्ठियों, एक धुंधली तस्वीर और मोगरे की उस ख़ुशबू के इर्द-गिर्द बुनी गई है जो बरसों बाद भी यादों में ताज़ा है। यह प्रेम, बिछड़न और इंतज़ार की कहानी है। एक ऐसा सफ़र जो दिल को छूता है और आँखें नम कर जाता है।आइए,अपूर्वा एवं अभय के साथ एक शाम कहानियों के नाम करें, जहाँ शब्द ही दृश्य…
Date and venue
- Sat 24 Oct, 5:30 pmGandhi SmritiAdd to calendarTickets on District




